पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बहुआर में आयोजित आदर्श युवा ग्राम सभा

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बहुआर में आयोजित आदर्श युवा ग्राम सभा



(कन्हैयालाल /बहुआर/सोनभद्र)



पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बहुआर में मंगलवार को पंचायती राज मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आदर्श युवा ग्राम सभा का सफल आयोजन किया गया। मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा एक मॉडल ग्राम सभा का गठन एवं संचालन किया गया।




      ग्राम सभा में आनंद गुप्ता (कक्षा 11वीं) को प्रधान, मास्टर अभिषेक कुमार को सचिव, कुमारी स्मृति को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कुमारी रागिनी को आशा कार्यकर्ता, मान्या जैन को महिला प्रतिनिधि, अमन कुमार मौर्य को शिक्षक प्रतिनिधि, हर्ष को युवा प्रतिनिधि, तथा यशार्थ, कृष्णा एवं कुमारी आंचल को वार्ड सदस्य के रूप में नामित किया गया था। विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल ई-गवर्नेंस आदि विषयों पर उठे प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में *माननीय विधायक रॉबर्ट्सगंज श्री भूपेश चौबे, तथा विशेष अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख नगवा श्री आलोक कुमार सिंह एवं सरपंच बहुआर श्री सर्वेश त्रिपाठी* उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य श्री अंशुमान सिंह, नवोदय विद्यालय कर्मचारी कल्याण संघ के महासचिव श्री राहुल सिंह तथा वरिष्ठतम शिक्षक डॉ. संदीप शुक्ला द्वारा पुष्पगुच्छ एवं साल भेंट कर किया गया।

   अपने उद्बोधन में माननीय विधायक श्री भूपेश चौबे ने कहा कि *भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, और आप जैसे विद्यार्थी इस परिवर्तन के भागीदार बनने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।* उन्होंने नवोदय विद्यालय समिति द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सह-शैक्षणिक कार्यक्रमों से होने वाले विद्यार्थी विकास की सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन प्रभारी युवा ग्राम सभा *श्री अमरेश कुमार* के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थीयो के अतिरिक्त स्टाफ श्री आशुतोष शुक्ल, सुभाष चंद्र, पी.के. निडर, संजय कुमार मनीष कुमार तथा ग्राम बहुआर के वार्ड सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

   कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्राम स्तर की समस्याओं, प्रक्रियाओं एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनमें नेतृत्व एवं नागरिकता भावना का विकास करना था।

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