सोनभद्र में तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्र तीरंदाजी जज कार्यशाला का भव्य शुभारंभ

 सोनभद्र में तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्र तीरंदाजी जज कार्यशाला का भव्य शुभारंभ



(रिपोर्ट - राकेश कुशवाहा/दीनदयाल मौर्य/सोनभद्र)




​सोनभद्र, 08 मार्च 2026: जनपद के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए आज तीन दिवसीय 'उत्तर क्षेत्र तीरंदाजी जज कार्यशाला' (North Zone Archery Judges Workshop) का भव्य उद्घाटन किया गया। 08 मार्च से 10 मार्च तक चलने वाली इस कार्यशाला का आयोजन डिस्ट्रिक्ट आर्चरी एसोसिएशन सोनभद्र द्वारा आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI), यूपी आर्चरी एसोसिएशन और OGQ के सहयोग से किया जा रहा है।



​कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री रामसकल जी (पूर्व सांसद एवं अध्यक्ष, जिला तीरंदाजी संघ, सोनभद्र) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीरंदाजी के क्षेत्र में तकनीकी कौशल और नियमों की सटीक जानकारी होना अनिवार्य है। इस कार्यशाला से न केवल जजों की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि उत्तर भारत में तीरंदाजी के मानक भी ऊँचे होंगे।

​कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में श्री बृजेश कुमार व रविंद्र शर्मा उपस्थित रहे। श्री कुमार एक अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी जज हैं और श्री शर्मा वर्तमान में आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) के 'जज कमेटी' के सक्रिय सदस्य हैं। ये दोनों प्रतिभागियों को तीरंदाजी के आधुनिक नियमों, स्कोरिंग प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय मानकों के बारीक पहलुओं से अवगत कराएंगे।

​कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री बलराम कृष्ण यादव ( महासचिव,  डिस्ट्रिक्ट आर्चरी एसोसिएशन, सोनभद्र) द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए खेल के विकास में तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रवि भूषण सिंह, अमर बहादुर सिंह, विश्वास, मनोज कुमार सिंह, सत्यदेव प्रसाद, प्रियांक, राहुल, अनुपमा, रविना आदि उपस्थित रहे।


​यह तीन दिवसीय कार्यशाला उत्तर क्षेत्र के जजों को नवीनतम तकनीकों और डिजिटल स्कोरिंग से अपडेट करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है, ताकि भविष्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष और सटीक निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। कार्यशाला में काश्मीर,  हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के 49 प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण हेतु उपस्थित हैं।

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