जयमोहनी रेंज में सजेंगे 3 'मॉडल उपवन': 40 हेक्टेयर में पौधों को 'जीवनदान' देने का महाअभियान शुरू।
(रिपोर्ट- मदन मोहन/नौगढ़ चंदौली)
झुमरिया, मरवटिया और नौडीहवा बनेंगे मॉडल केंद्र; टैंकरों से सिंचाई और वाचरों से होगी पौधों की सुरक्षा नौगढ़ चंदौली में 14 जुलाई 2026 वृहद वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के तहत वन प्रभाग रामनगर के जयमोहनी रेंज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। रेंज के 40 हेक्टेयर क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण को 'मॉडल वृक्षारोपण केंद्र' के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग ने व्यापक कार्ययोजना लागू कर दी है। इसके तहत झुमरिया, मरवटिया और नौडीहवा में पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा और वैज्ञानिक तरीके से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि 'हर पौधा बने वृक्ष' का संकल्प पूरा हो सके।
जनसहभागिता से ही साकार होगा हरित वातावरण का लक्ष्य
मंगलवार को वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने प्राथमिक विद्यालय मरवटिया परिसर में ग्रामीणों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। ग्राम प्रधान ब्रह्मा वनवासी की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में वनवासी समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा:लगाए गए पौधों की सुरक्षा केवल वन विभाग की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। हम अपील करते हैं कि प्रत्येक परिवार अपने खेत की मेड़ों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे।"
40 हेक्टेयर में लहलहाएंगे फलदार और छायादार पौधे
सामाजिक वानिकी योजना के अंतर्गत रेंज के तीन प्रमुख स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है, जहाँ जनभागीदारी की अनूठी मिसाल देखने को मिली:| स्थल का नाम क्षेत्रफल (हेक्टेयर) रोपे गए प्रमुख पौधे
झुमरिया 20 हेक्टेयर आम, महुआ, इमली, अमरूद, चिलबिल, जंगल जलेबी आदि
मरवटिया 10 हेक्टेयर आम, महुआ, इमली, अमरूद, चिलबिल, जंगल जलेबी आदि
नौडीहवा 10 हेक्टेयर आम, महुआ, इमली, अमरूद, चिलबिल, जंगल जलेबी आदि
इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिलाओं तथा युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सुरक्षा और सिंचाई के लिए कड़े इंतजाम, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
पौधों की उच्च जीवितता दर (Survival Rate) सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है:
नियमित सिंचाई: तीनों मॉडल केंद्रों पर आवश्यकतानुसार टैंकरों के जरिए नियमित पानी की व्यवस्था की जाएगी।
विशेष सुरक्षा: पौधों को मवेशियों और अन्य बाहरी खतरों से बचाने के लिए विशेष 'वाचरों' (सुरक्षाकर्मियों) की तैनाती की गई है।
समय पर रख-रखाव: पौधों की निराई-गुड़ाई, खाद देने और उचित संरक्षण का कार्य वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा।
कड़ी चेतावनी: वन विभाग द्वारा प्रत्येक स्थल की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि पौधों के संरक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मियों या जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने जोर देते हुए कहा कि वृक्षारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब ये पौधे सुरक्षित रहकर विशाल वृक्ष बनेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि जयमोहनी रेंज के ये मॉडल वृक्षारोपण केंद्र भविष्य में पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगे।



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