नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस का महाअभियान: जंगलों में गूंजे खाकी के कदम, CO नौगढ़ ने संभाली कमान!
अमदहां और भरदुआ के बीहड़ों में सर्च ऑपरेशन, ग्रामीणों संग चौपाल लगाकर साइबर ठगों से सतर्क रहने का दिया गुरुमंत्र
ग्राउंड रिपोर्ट: मदन मोहन (नौगढ़, चन्दौली)
नौगढ़ के दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों में जब पुलिस और QRT (क्विक रिस्पांस टीम) के जवान आधुनिक हथियारों से लैस होकर उतरे, तो असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया। जनपद में जन-सुरक्षा को अभेद्य बनाने और नक्सली पदचाप को पूरी तरह से बेअसर करने के लिए चन्दौली पुलिस 'फुल एक्शन मोड' में नजर आ रही है।
उच्चाधिकारियों के सख्त निर्देश पर क्षेत्राधिकारी (CO) नौगढ़ देवेन्द्र कुमार की अगुवाई में थाना नौगढ़ पुलिस और QRT की संयुक्त टुकड़ी ने ग्राम अमदहा और भरदुवा के अति-संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और सघन कांबिंग ऑपरेशन चलाया।
ऑपरेशन की 4 बड़ी बातें:
जंगलों और पगडंडियों की खाक छानी:
सुरक्षाबलों ने बीहड़ क्षेत्रों, पुरानी गुफाओं, संदिग्ध पगडंडियों और संभावित छिपने के ठिकानों पर बारीकी से तलाशी ली।
'चौपाल' से जीता दिल:
कांबिंग के बाद पुलिस अफसरों ने गांव की चौपाल पर बैठकर बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं से सीधी बात की। कानून-व्यवस्था का मिजाज समझा और पुलिस-जनता के रिश्ते को और मजबूत किया।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से सावधान!
पुलिस ने ग्रामीणों को 'डिजिटल अरेस्ट', फर्जी कॉल, OTP शेयर करने, और लुभावने निवेश के झांसे से बचने की ट्रेनिंग दी। साफ कहा—"अपनी बैंकिंग डिटेल किसी से साझा न करें।"
2 जादुई नंबर—112 और 1930:
किसी भी मुसीबत में तुरंत 112 डायल करने और साइबर फ्रॉड होते ही बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की बात दोहराई गई।
भयमुक्त है माहौल, पर रहें सतर्क" — पुलिस की अपील
बातचीत में ग्रामीणों ने माना कि क्षेत्र में अब पूरी तरह शांति और सुरक्षा का माहौल है। वहीं, CO नौगढ़ ने अपील करते हुए कहा—
किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति को पनाह न दें। जंगलों में कुछ भी असामान्य दिखे तो तुरंत पुलिस को खबर करें। सूचना देने वाले का नाम-पता पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।"
खाकी का संकल्प:
चन्दौली पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराध, नक्सलवाद और साइबर ठगों के खिलाफ यह जंग रुकने वाली नहीं है। जन-सुरक्षा के लिए ऐसे कांबिंग और जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।




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