दो बाइक के आमने-सामने भिड़ंत में चार लोग घायल। आधे घंटे बाद सीएमओ और एसडीएम के फोन के बाद ईलाज।
सोनभद्र। जनपद के रावर्ट्सगंज कोतवाली अंतर्गत मधुपुर में वाराणसी शक्तिनगर हाइवे पर दो बाइकों में हुई आमने सामने की टक्कर में चार लोग घायल हो गये सभी घायलों को मधुपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानीय लोगों द्वारा पहुँचाया गया, जहां एक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, एक को परिजन निजी अस्पताल ले गये मामूली रूप से घायल दो लोगों का इलाज। कपिल देव(35)पुत्र बनारसी निवासी तकिया एवं प्रदीप बिंद((36)रामभवन बिंद निवासी खानेआजमपुर सुकृत बाइक से सामने से आ रहे बाइक सवार अजय(32)पुत्र छोटेलाल निवासी सलखन, एवं अनुज(40)निवासी लोहरा की आमने सामने तेज गति से टक्कर हो गयी, प्रदीप की स्थित गम्भीर देख जिला अस्पताल भेजा गया। लेकिन विडंबना की बात यह रही कि लगभग आधे घंटे तक अस्पताल का ताला बंद रहा और डाक्टर या कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं रहे, जिससे गंभीर हालत में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों स्थिति बिगड़ती चली गई। ऐसी अवस्था में स्थानीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र को फोन काल के जरिए इस असुविधा से अवगत कराया गया, तब जाकर कुछ देर बाद एक फर्मासिस्ट आया और प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। चिंता का विषय यह रहा कि पूरे प्रकिया में लगभग डेढ़ घंटे लगे, लेकिन तब तक अस्पताल पर कोई भी डाक्टर या सर्जन नहीं आया। फर्मासिस्ट के द्वारा ही डाक्टर बनकर घायलों का ईलाज करना पड़ा तथा उन्हें रेफर तक की प्रक्रिया करनी पड़ी। वहीं इस असुविधा की शिकायत उपजिलाधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी से कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई तथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई। गौरतलब है कि अभी कुछ ही दिन पहले सीएमओ सोनभद्र के बगल में बैठने वाला एक संविदाकर्मी जो की सीएमओ, तथा नोडल तथा सहनोडल का राइट हैंड माना जाता था उसके द्वारा अवैध वसूली की शिकायत के बाद एंटीकरप्शन द्वारा पचास हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच का विषय यह है कि आखिर ओ संविदाकर्मी किसके लिए इतनी मोटी रकम की वसूली करता आ रहा था ? आखिर उसके असली आका कौन है ? और अभी रिश्वत का मामला शांत ही नहीं हुआ तभी डाक्टरों की घोर लापरवाही और अनियमितता का मामला सामने आ गया। इस संदर्भ में जब सीएमओ सोनभद्र से शिकायत की गई तो उन्होंने झल्लाते हुए कहा कि क्या हम गार्ड रख दें। अर्थात उनकी बातों से साफ स्पष्ट हो रहा है कि कहीं न कहीं उन्हीं के सह पर ये डाक्टर सरकारी अस्पताल में ताला लगाकर अपने घरों व दोस्तों के साथ भौतिक सुखों में लीन रहते हैं। वहीं एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी जी ने मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिए।


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