किसानों ने बुलाई महापंचायत। भूमि अधिग्रहण के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा।
(रिपोर्ट - क्राइम रिपोर्टर नेहा सिंह/सोनभद्र)
सोनभद्र। जनपद के करमा ब्लाक अन्तर्गत ग्राम सभा लोहरा के गुलरहवा बस्ती में किसानों ने महापंचायत के माध्यम से भूमि अधिग्रहण के प्रपोजल को रोकने के लिए आगे की रणनीति बनाई।
गौरतलब है कि लोहरा, तकिया एवं बट गांव के किसानों द्वारा रविवार को लोहरा गांव के गुलरहवां बस्ती में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, इस महापंचायत में कथित रूप से अधिग्रहण क्षेत्र के किसानों के अलावा भारतीय किसान यूनियन, समाज सेवी संस्थाओं के साथ क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों एवं सभी राजनैतिक दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने एक जुट होकर धरना प्रदर्शन, जिले से लेकर विधानसभा तक यदि जरूरत पड़ी तो अदालतों तक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। किसानों का कहना है कि लड़कर मरना कबूल है लेकिन जमीन किसी पूंजीपतियों के हांथ नहीं सौंपेगें। किसानों ने सीधी चेतावनी देते हुये कहा कि सरकार और जिले में बैठे लोक सेवक के नाम पर सरकारी नुमाइंदों से किसानों को बिना किसी सहमति एवं जानकारी के अधिग्रहण के फैसले को पलट कर ही दम लेंगें। जमीन बचाने के लिये वे अपना सब कुछ दाव पर लगाने को तैयार हैं, एक सप्ताह पूर्व अधिग्रहण की मौखिक जानकारी के बाद से ही किसानों में बेचैनी शुरू हो गयी थी। बीते सप्ताह बैठक में सर्वदलीय समिति के गठन के बाद किसानों द्वारा उप जिलाधिकारी एवं जिलाधिकारी को पत्रक देकर अधिग्रहण न करने की गुहार लगायी। किसानों को कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर आशंकित हो कर आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गये। इसी क्रम में रविवार को भारतीय किसान यूनियन के चंदौली, मीरजापुर एवं सोनभद्र के पदाधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा कर सरकार एवं प्रशासन तक बात पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। इस दौरान किसानों की जमीन कब्जाने का प्रयास करती हुई निजी कम्पनियो को भी चेताया, जो गुप्त रूप से सर्वे आदि भी करा कर फैसला खुद कर ले रहीं हैं, किसानों ने कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है , वे अपना टिकट और कुर्सी बचाएं इतना ही काफी है। क्योंकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसानों द्वारा जब क्षेत्रीय प्रतिनिधियों से लोहरा गुलरहवा तकिया व बटृ गांव में आने के लिए कहा गया तब किसानों को ये कहते हुए आने से साफ मना कर दिया गया कि समय नहीं है हम बाहर हैं नहीं मिल सकते अभी। वहीं इस बात से किसानों में भारी रोष है कि चुनाव के वक्त सबको वोट मांगने के लिए तो समय रहता है लेकिन आज जब पूरा क्षेत्र संकट में पड़ा है और किसानों के द्वारा बुलाए जाने पर जनप्रतिनिधियों द्वारा आने से मना कर दिया जा रहा है। इस बात से नाखुश किसानों ने अपनी लड़ाई किसान संगठन को साथ लेकर गैरराजनैतिक ढंग से खूद ही लड़ने का फैसला लिए। इस दौरान एडवोकेट कमलेश कुमार सिंह, एडवोकेट चन्द्र प्रकाश सिंह, मनोज कुशवाहा, रविन्द्र बहादुर मौर्य, शत्रुध्न सिंह मौर्य, मनोज चौहान, अशोक कुमार मौर्य, डॉ रविशंकर सिंह, जिला पंचायत सदस्य चुर्क मोहन कुशवाहा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अजीत कुमार, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लोहरा सुरेश बाबू, प्रधान प्रतिनिधि बट्ट संतोष आत्मा सिंह, प्रधान प्रतिनिधि गौरही कौशल कुमार मौर्य, रामकेश पनिका, किसान संघ सोनभद्र जिला सचिव संजय यादव, भारतीय किसान यूनियन पूर्वांचल जिला अध्यक्ष राकेश मौर्या, पूर्व राज्य मंत्री राकेश मौर्य, भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति जिला अध्यक्ष सोनभद्र बिरजू प्रसाद मौर्य, भारतीय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष चंदौली बलदाऊ सिंह यादव, भारतीय किसान यूनियन पूर्वांचल जिला सचिव चंदौली योगेश मौर्य, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश बजरंगी कुशवाहा, जिला अध्यक्ष मिर्जापुर धर्मदेव उपाध्याय, दिनेश कुमार, रामचन्द्र मौर्य, दयालु मौर्य सहित हजारों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।





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