स्वच्छता अभियान एवं विचार गोष्ठी का आयोजन संपन्न।
(रिपोर्ट - विवेक पांडेय/बृजेश कुमार सिंह/सोनभद्र)
सोनभद्र। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, एनटीपीसी परिसर, शक्तिनगर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वितीय एवं तृतीय के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157वीं जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 122वीं जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार यादव तथा कार्यक्रम अधिकारी द्वय डॉ. मनोज कुमार गौतम एवं डॉ. मृत्युंजय कुमार पांडेय द्वारा महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ की रामधुन गाते हुए स्वच्छता अभियान चलाया।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए परिसर प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि नैतिकता के बाद दूसरा स्थान स्वच्छता का है। स्वच्छ वातावरण से स्वच्छ विचार एवं भावनाओं की उत्पत्ति होती है।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. माणिक चंद पांडेय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं सभ्य समाज की नींव है। उन्होंने महात्मा गांधी जी के स्वच्छता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार गौतम ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरुआत महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को समाजसेवा एवं सेवा भावना के प्रति जागरूक करना है। आज स्वयंसेवकों के माध्यम से यह उद्देश्य सार्थक होता दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मृत्युंजय कुमार पांडेय ने उपस्थित लोगों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम स्वयंसेवकों के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने स्वयंसेवकों के सेवा एवं समर्पण भाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वयंसेवकों आकाश कुमार चौबे, सत्यम वर्मा, हर्षित पांडेय, विवेक तिवारी, चतुर्वेदी, साधना, मुस्कान सहित अन्य स्वयंसेवकों की सराहनीय भूमिका रही।
इस अवसर पर शिक्षकगण डॉ. रागिनी श्रीवास्तव, अजय लक्ष्मी, प्रशांत विश्वकर्मा, डॉ. रणवीर प्रताप सिंह, उदय नारायण पांडेय, डॉ. रजनीकांत राम सहित अन्य शिक्षक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




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