एसडीएम नौगढ़ के औचक निरीक्षण में 4 अध्यापक मिले अनुपस्थिति, कटा वेतन। ,, एम ,डी, एम,,मिला बंद।
(रिपोर्ट- मदन मोहन/नौगढ़/चंदौली)
दिनांक 27 जनवरी 2026 को तहसील नौगढ़ अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय सेमरिया में शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही कि तस्वीर सामने आई है। शिक्षकों की इस लापरवाही और मनमानी रवैया से आम लोगों के बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है एक एक तरफ सरकार,,सब पढ़े सब बढे, , का नारा लगती है दूसरी तरफ शिक्षकों पर किसी किसी भी प्रकार का कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है यही कारण है कि सरकारी विद्यालय में सुविधा तो सरकार के द्वारा मुहैया कराई जा रही है लेकिन उनका सिर्फ दुरुपयोग हो रहा है और लोगों का विश्वास टूटता जा रहा है । ग्रामीणों की शिकायत पर जब उप जिलाधिकारी नौगढ़ विकास मित्तल के द्वारा औचक निरीक्षण किया, गया तो विद्यालय में शिक्षकों की मनमानी रवैया का पर्दाफाश हुआ । प्राथमिक विद्यालय सेमरिया में 6 शिक्षक नियुक्त हैं— 3 सहायक अध्यापक और 3 शिक्षा मित्र, लेकिन निरीक्षण के समय केवल एक सहायक अध्यापक अखिलेश सिंह ही विद्यालय में उपस्थित मिले।
शिक्षा मित्र संतोष, शिवानन्द, चन्द्रशेखर तथा सहायक अध्यापक संतोष यादव व चन्दन कुमार सिंह बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। विद्यालय में 58 छात्र पंजीकृत हैं, परंतु शिक्षकों की लापरवाही का नतीजा यह रहा कि मौके पर मात्र 13 बच्चे उपस्थित मिले। दूसरी कमी यह पाई गई की मध्याह्न भोजन नहीं बना था, बच्चों से पूछताछ के बाद यह पता चला कि पिछले 15 दिनों से पूरी तरह बंद है , जो अब आपसी बंदर बाट की ओर संकेत करती है
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित शिक्षकों को तत्काल अनुपस्थित घोषित करते हुए पूरे मामले में कड़ी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्राचार कर एक दिवस का वेतन काटने का संस्तुति की
यह मामला शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे विद्यालय सिर्फ कागज़ों में ही चलते रह जाएंगे, और बच्चों के भविष्य अंधकार में चल जाएगा।



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