वन भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, निर्माणाधीन पिलर ध्वस्त।
(रिपोर्ट - मदन मोहन/नौगढ़/चंदौली)
काशी वन्य जीव प्रभाग, रामनगर वाराणसी के अंतर्गत जयमोहनी रेंज में वन भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ विभाग ने सख्त कदम उठाया है। आरक्षित वन क्षेत्र तेन्दुआ भैंसोड़ा-14 में बिना अनुमति के किए जा रहे अवैध पक्के निर्माण को वन विभाग की टीम ने रविवार को मौके पर पहुंचकर ध्वस्त कर दिया।
निरीक्षण में पकड़ा गया अवैध निर्माण-
जानकारी के अनुसार, जयमोहनी रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र तेन्दुआ भैंसोड़ा-14 में वन भूमि पर अवैध पक्का निर्माण किए जाने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन क्षेत्राधिकारी (RFO) अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर रेंज स्टाफ ने 5 जुलाई 2026 को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि मझगांवा निवासी राजेश (पुत्र बाबूलाल) द्वारा आरक्षित वन भूमि पर बिना किसी अनुमति के पक्के पिलरों का निर्माण कराया जा रहा था।
मौके पर ही ढहाए गए पिलर, केस दर्ज-
यह कृत्य वन संरक्षण अधिनियम, 1980 एवं उत्तर प्रदेश वन अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेंज स्टाफ ने मौके पर ही निर्माणाधीन पक्के पिलरों को तोड़ दिया और अवैध निर्माण कार्य को पूरी तरह विफल कर दिया। इसके साथ ही आरोपी राजेश के विरुद्ध वन अपराध के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन क्षेत्र अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि
आरक्षित वन भूमि राष्ट्रीय संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, कब्जा या निर्माण पूर्णतः अवैध है। ऐसे कृत्यों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी अभियोजन कार्रवाई की जाएगी। जेसीबी की उपलब्धता पर अवैध निर्माण में प्रयुक्त लोहे के सरिया व छड़ भी उखाड़कर जब्त किए जाएंगे। भविष्य में वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आमजन से भी अपील है कि यदि कहीं भी वन भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण दिखे, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।" — अमित श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी, जयमोहनी रेंज




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