प्रशासन की चौखट पर न्याय की आस में दिव्यांग, आवास के लिए वर्षों से भटक रहा पीड़ित।

 प्रशासन की चौखट पर न्याय की आस में दिव्यांग, आवास के लिए वर्षों से भटक रहा पीड़ित


(रिपोर्ट- मदन मोहन नौगढ़/चंदौली)

जनपद चन्दौली के  नौगढ़ के डुमरिया गांव में सरकार द्वारा 'सबको आवास' देने के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जनपद में एक दिव्यांग व्यक्ति उपेंद्र कुमार पुत्र रघुराई निवासी ग्राम डुमरिया विकासखंड नौगढ पिछले काफी समय से अपने सिर पर छत के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित दिव्यांग का कहना है कि उसने मुख्यमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी आवास योजनाओं के तहत लाभ पाने के लिए जिलाधिकारी (DM) से लेकर अन्य संबंधित अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई है। बार-बार प्रार्थना पत्र देने और गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

झोपड़ी में रहने को मजबूर

पीड़ित ने बताया कि आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण वह पक्का मकान बनवाने में असमर्थ है। वर्तमान में वह जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है, जहाँ बरसात और सर्दी के मौसम में जीवन काटना दूभर हो जाता है। दिव्यांग होने के कारण मजदूरी करना भी उसके लिए संभव नहीं है।

अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर सरकार 'मिशन शक्ति' और 'कल्याणकारी योजनाओं' के माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुँचाने की बात करती है, वहीं इस दिव्यांग व्यक्ति की चीख प्रशासन के कानों तक नहीं पहुँच रही है। पीड़ित का कहना है कि

मैं थक चुका हूँ। हर बार साहब लोग कहते हैं कि जाँच होगी, लेकिन कोई घर देखने तक नहीं आता। क्या एक दिव्यांग को अपने हक के लिए ऐसे ही भटकना पड़ेगा इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि शोभित कुमार ने बताया कि इसे आवास नहीं दिया जा सकता है क्यों नहीं दिया जा सकता है यह पूछने पर उन्होंने बात को घुमाते हुए कहा बाद में मिलकर बात करेंगे वही ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में है किंतु आवास बनाने के लिए उसके पास कोई जमीन नहीं है वह वन भूमि पर रहता है उपेंद्र कुमार ने बताया कि मैं काफी दिनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं यहां तक क्यों जिलाधिकारी महोदय के पास भी मैं गया था कि मुझे घरौंदी की योजना के तहत लाभ मिल सके ताकि मुझे आवास बनवाने में सुविधा मिले किंतु आजकल कर इस मामले को टालमटोल कर दिया गया खास बात तो यह उन्होंने बताया कि प्रधान कहते हैं कि आप यहां के निवासी नहीं है जबकि मेरे आधार कार्ड और जितने भी पहचान पत्र जैसे कागजात हैं वह मेरे पास हैं प्रधान से हमारी नहीं बनती है इसलिए 

 * पीड़ित की पात्रता की तत्काल निष्पक्ष जाँच की जाए।

 * मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उसे प्राथमिकता पर आवास आवंटित हो।

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